# करवाचौथ

जानती हूँ कि व्रत से तुम्हारी आयु नहीं बढ़ेगी 
अच्छा लगता है तुम्हारे लम्बे साथ की दुआ करना

चाँद का इंतजार बेक़रार करता है मगर

अच्छा लगता है संग तुम्हारे आँसमा तकना

अच्छा लगता है चाँद के बाद तुम्हें देखना

छलनी के पीछे तुम्हारा यूँ मुस्करा के मुझे छेड़ना 

मेरे अर्पित जल से चाँद को कोई सरोकार नहीं

अच्छा लगता है तुम्हारे हाथ दो घूँट पीना

अच्छा लगता है तुम्हारा खिलाया इक कौर

मेरी भूख प्यास की तुम्हें यूँ परवाह होना

साज सरिंगार के बिना भी पसन्द हूँ मैं तुम्हें

अच्छा लगता है तुम्हारे लिये सजना

अच्छा लगता है फिर तुम्हारी दुल्हन बनना

तुम्हारा मुझे यूँ अपना चाँद कहना 

जानती हूँ कि व्रत से तुम्हारी आयु नहीं बढ़ेगी 

अच्छा लगता है तुम्हारे लम्बे साथ की दुआ करना

-मेजर (डा) शालिनी सिंह

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