तकलीफ़ 

तुम साथ न चलो मेरी राह पे
इस बात का शिकवा नहीं है मुझे 

पर रूठ जाते हो जब मेरे सफर से 

तो कदमों को तकलीफ़ होती है

तुम न उड़ो मेरे आसमां में

इस बात का शिकवा नहीं है मुझे

पर रूठ जाते हो जब मेरी परवाज़ से

तो हौसलों को तकलीफ़ होती है

तुम न देखो ख़्वाब मेरे

इस बात का शिकवा नहीं है मुझे

पर रूठ जाते हो जब मेरी नज़रों से

तो नींद को तकलीफ़ होती है

तुम न पढ़ो नग़मे मेरे

इस बात का शिकवा नहीं है मुझे

पर रूठ जाते हो जब मेरे लफजो से

तो खयाल को तकलीफ़ होती है

तुम न करो महुबबत मुझसे

इस बात का शिकवा नहीं है मुझे

पर रूठ जाते हो जब जज़्बातों से

तो रिश्ते को तकलीफ़ होती है

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